Loading......

प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें ?

जय प्रकाश जैन

निदेशक गुरूकुल कोचिंग संस्थान,

गुरूकुल इंटर काॅलेज, हजारीबाग

प्रत्येक युवा का यह स्वप्न होता है कि वह जीवन में सफलता के सर्वोच्च मुकाम को हासिल करें। इसके लिए कठिन परिश्रम एकाग्रचितता, जोश, जज्बे, जुनुन की जरूरत होती है। प्रत्येक युवा को सफलता के लिए युवाओं के हृदय सम्राट स्वामी विेवेकानंद की प्रसिद्ध उक्ति को अपने जीवन में शत् प्रतिशत अपनाना चाहिए-

"उठो जागो और तब तक मत रूको जब तक की तुम्हें अपनी मंजिल नही मिल जाती है।"

मेरा यह मानना है कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपना कर कोई भी युवा सफलता के सर्वोच्च मुकाम को हासिल कर सकता है। आज प्रतियोगिता के कठिन दौर में प्रत्येक युवा आई.ए.एस., आई.पी.एस., बैंक पीओ, बैंक क्लर्क, जे.पी.एस.सी., बी.पी.एस.सी, एस.एस.सी., रेलवे , शिक्षक , दारोगा, सी.डी.एस., एन.डी.ए., मेडिकल, इंजिनियरिंग की प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने हेतुू स्वयं को पुरे उत्साह के साथ समर्पित किए हुए है। परन्तु महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इन प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने हेतू किन महत्वपूर्ण विषयों एवं किन महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

1. सामान्य अध्ययन- यह सभी प्रकार के प्र्रतियोगिता परीक्षाओं में काफी उपयोगी विषय माना जाता है। इसमें निम्न विषयों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
क) इतिहास- यह सामान्य अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण विषय है। इससे सबसे ज्यादा प्रश्न पुछे जाते है। प्राचीन भारतीय इतिहास, मध्यकालीन इतिहास, आधुनिक भारतीय इतिहास, विश्व इतिहास से प्रश्न पुछे जाते है। इस विषय के लिए कक्षा 6 से कक्षा 12वीं की एन.सी.ई.आर.टी की पुस्तकें काफी लाभकारी सिद्ध होती है। इतिहास विषय का प्रारंभ आधुनिक भारतीय इतिहास से करना चाहिए। क्योंकि यह एक रूचीकर विषय है। इसके बाद मध्यकालीन एवं अन्त में प्राचीन एवं विश्व इतिहास का अध्ययन करना चाहिए।
ख) भूगोल- इससे सबसे ज्यादा प्रश्न भारत के भूगोल से पुछे जाते है। भारत का प्राकृतिक विभाजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विश्व भूगोल, प्राकृतिक भूगोल से भी प्रश्न पुछे जाते है। भूगोल विषय पर पकड बनाने हेतू मानचित्र के साथ मित्रता कर लेनी चाहिए तथा मानचित्र का निरंतर अध्ययन एवं अवलोकन करना चाहिए।
ग) राजव्यवस्था- इसमें भारतीय संविधान, भारतीय संसद का अध्ययन करना जरूरी है। सुभाष कश्यप की पुस्तक अत्यंत लाभकारी है।
घ) विज्ञान- भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, विज्ञान एवं तकनीकी से प्रश्न पुछे जाते है। विज्ञान के प्रश्न आधूनिक जीवन से जुडे होते है। किताबी ज्ञान की अपेक्षा आस पास की घटनाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। एन.सी. ई. आर.टी. की पुस्तकें काफी लाभकारी है।
ड) अर्थशास्त्र- मुद्रा एवं बैंकिग तथा विशेष तौर पर रिजर्व बैंक एवं अन्य बैंकों के साथ पंचवर्षीय योजना, मांग का नियम, राष्ट्रीय आय इत्यादि से प्रश्न पुछे जाते है। प्रतियोगिता दर्पण का अतिरिक्तांक काफी लाभकारी है।
च) करेंट अफेयर्स- इसके लिए समाचार पत्रों का नियमित अध्ययन आवश्यक है। साथ ही नियमित राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय, आर्थिक, खेलकूद , पुरस्कार से संबंधित घटनाओं का अध्ययन एवं इसे नोट बुक में लिखने से इस विषय पर आसानी से पकड बनाई जा सकती है।
छ) सामान्य ज्ञान- इसमें दिन-दिवस, विभिन्न देशों की मुद्राएं, संसद के नाम, जासुसी एजेंसी, विश्व का प्रथम, भारत का प्रथम, नदियों के किनारे बसे नगर, लोकनृत्य, शास्त्रीय नृृत्य, वाद्ययंत्र एवं वादक, खेल एवं कप, खेल एवं शब्द, ख्ेालों का इतिहास का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है।

2. गणित- आर.एस. अग्रवाल की पुस्तक अत्यंत लाभकारी है। प्रतिशतता, लाभ-हानि, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, काम एवं समय इत्यादि अध्यायों पर विशेष ध्यान दें।

3. तर्क शक्ति(त्मंेवदपदह)- इसमें कोडिंग-डिकोंडिग, ब्लड रिलेशन,वरबल एव नाॅन वरबल, रिजनिंग पर विशेष ध्यान दें।

4. कम्प्यूटर- इसमें हार्डवेयर एवं साॅफ्टवेयर दोनों पहलूओं पर विशेष ध्यान दें।

5. अंग्रेजी- इसमें अंग्रेजी समाचार पत्रों का अध्ययन लाभकारी सिद्ध होता है। नियमित रूप से 20 शब्दों को याद करने का अभ्यास करें। अंग्रेजी व्याकरण पर विशेष ध्यान दें।

उपरोक्त विषयों पर अच्छी पकड बनाकर प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है। इसके लिए ‘‘एक किताब को दस बार पे न कि दस किताब को एक बार‘‘ । आत्मविश्वास के साथ निरंतर परिश्रम के द्वारा सफलता के मंजिल को आसानी से तय किया जा सकता है। निरंतर असफलताओं से हमें घबराना नहीं चाहिए बल्कि अपनी कमियों का आकलन कर दोगुने उत्साह के साथ कमियों को दूर कर फिर से सफलता की ओर अग्रसर हो जाना चाहिए।

Back To Top